प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे के ओस्लो में आयोजित भारत-नॉर्वे बिजनेस और रिसर्च समिट में घोषणा की कि भारत और नॉर्वे ने अपने संबंधों को “ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” तक बढ़ा दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि नॉर्वेजियन कंपनियों को भारत से क्रिटिकल मिनरल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष और रक्षा जैसे क्षेत्रों में पूर्ण समर्थन मिलेगा।
समिट में नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे और क्राउन प्रिंस हाकोन मैग्नस भी मौजूद थे।
क्लीन एनर्जी पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के क्लीन एनर्जी लक्ष्य वैश्विक स्तर पर बेजोड़ हैं। उन्होंने 2030 तक 500 GW क्लीन एनर्जी और 5 मिलियन टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य बताया। उन्होंने नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड द्वारा क्लीन एनर्जी में निवेश की भूमिका भी उजागर की, जो दोनों देशों के बीच सहयोग के अवसर बढ़ाता है।
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भारत की आर्थिक क्रांति
पीएम मोदी ने पिछले 12 वर्षों में भारत के आर्थिक सुधारों और “Reform, Perform and Transform” पहल के तहत निवेशक-अनुकूल वातावरण बनाने पर भी प्रकाश डाला।
समिट में 50 से अधिक कंपनियों और 250 से अधिक व्यापार व शोध नेताओं ने भाग लिया। चर्चा में हेल्थकेयर इनोवेशन, मैरीटाइम कोऑपरेशन, बैटरी स्टोरेज, डिजिटलाइजेशन, इलेक्ट्रिफिकेशन और विंड एनर्जी शामिल थे।
पीएम मोदी ने नॉर्वेजियन कंपनियों को नवीकरणीय ऊर्जा, ब्लू इकॉनमी, शिपबिल्डिंग, स्टार्टअप्स, हेल्थ-टेक और क्रिटिकल मिनरल्स में निवेश बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने USD 100 बिलियन निवेश लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया।
नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे ने भारत-ईएफटीए व्यापार समझौते को “विशिष्ट” बताते हुए कहा कि यह साझेदारी दोनों देशों में रोजगार और आर्थिक मूल्य सृजित करेगी।
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