प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने तीन दिवसीय गुजरात दौरे के तहत सोमनाथ पहुंचे, जहां उन्होंने सोमनाथ मंदिर पर पहले हमले के 1,000 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में भाग लिया। गिर सोमनाथ जिले के वेरावल के पास स्थित प्रसिद्ध सोमनाथ महादेव मंदिर के नजदीक हेलिपैड पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि सोमनाथ आकर वह स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोमनाथ हमारी सभ्यतागत साहस और आस्था का गौरवशाली प्रतीक है और इस अवसर पर पूरा देश एकजुट होकर वर्ष 1026 में मंदिर पर हुए पहले हमले की 1,000वीं वर्षगांठ को स्मरण कर रहा है।
हेलिपैड से प्रधानमंत्री वीवीआईपी सर्किट हाउस पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु सड़कों के दोनों ओर खड़े होकर प्रधानमंत्री के काफिले का स्वागत करते नजर आए। शाम को पीएम मोदी ने मंदिर परिसर में ‘ओंकार मंत्र’ का जाप किया और भव्य ड्रोन शो देखा, जिसमें लगभग 3,000 ड्रोन के माध्यम से सोमनाथ मंदिर से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रमों का प्रदर्शन किया गया।
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इसके बाद प्रधानमंत्री ‘शौर्य यात्रा’ में शामिल हुए, जो मंदिर की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों के सम्मान में निकाली गई। इस यात्रा में 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस शामिल रहा। इसके बाद पीएम मोदी ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और एक जनसभा को संबोधित किया।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व उन असंख्य भारतीयों के बलिदान की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है, जिन्होंने सदियों तक मंदिर की रक्षा की। तमाम आक्रमणों के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज भी आस्था, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बना हुआ है। स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ और वर्ष 1951 में राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में इसे भक्तों के लिए खोला गया।
इस अवसर पर देशभर से संतों की भागीदारी और 72 घंटे तक लगातार ‘ॐ’ के जाप का आयोजन भी किया गया है।
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