उत्तराखंड में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर को उनकी 135वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन और विचार आज भी देश को प्रेरित करते हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में अनुच्छेद 370 को हटाने के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कदम देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय भारत को एक समान और एकजुट राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड में लागू की गई समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कदम सामाजिक समानता और न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
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कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने संविधान निर्माण के माध्यम से भारत को मजबूत लोकतांत्रिक ढांचा दिया, और आज उनकी सोच के अनुरूप देश आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के सिद्धांत पर चलते हुए देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
प्रधानमंत्री के इस संबोधन को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें संवैधानिक सुधारों और सामाजिक नीतियों पर सरकार की दिशा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
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