प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयासों और दृढ़ संकल्प पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को अपने दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए आत्मविश्वास के साथ लगातार आगे बढ़ना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए देश के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी और राष्ट्र निर्माण के प्रति साझा प्रतिबद्धता जरूरी है। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
मोदी ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भर भारत को देश के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और बाहरी संसाधनों पर निर्भरता कम करने में अहम भूमिका निभाएगी।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विकास यात्रा में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। देश की युवा शक्ति नई तकनीक, नवाचार और उद्यमिता के जरिए भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति में पहुंचा सकती है। उन्होंने युवाओं की आकांक्षाओं को विकसित भारत के निर्माण से जोड़ने पर जोर दिया।
उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा को भी देश की दीर्घकालिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया। प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करने और वैश्विक परिस्थितियों से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी क्षमताओं को लगातार मजबूत करना होगा।
मोदी ने कहा कि विकसित भारत की आकांक्षा को वास्तविकता में बदलने के लिए निरंतर प्रयास, जनभागीदारी और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से देश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक शक्ति और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर भारत 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने के लक्ष्य को हासिल कर सकता है।
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