पाट्टाली मक्कल कच्छी (PMK) के संस्थापक एस. रामदोस ने मद्रास उच्च न्यायालय का रुख करते हुए भारत के चुनाव आयोग और तमिलनाडु के मुख्य चुनाव अधिकारी को निर्देश देने का अनुरोध किया है कि उनके और उनके पुत्र आर. अन्बुमनी के बीच गुटीय विवाद के निपटारे तक ‘आम’ चुनाव चिन्ह को फ्रीज़ किया जाए।
रामदोस ने न्यायालय से अंतरिम निर्देश भी मांगे हैं कि उनके याचिका निपटने तक तमिलनाडु और पुदुचेरी में विधानसभा चुनावों की अधिसूचना न दी जाए। उनका कहना है कि यह कदम चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करने और पार्टी के भीतर उत्पन्न विवाद को सुलझाने के लिए आवश्यक है।
यह मामला अगले सप्ताह मुख्य न्यायाधीश मनींद्र मोहन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की संभावना है।
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रामदोस ने अदालत से आग्रह किया है कि चुनाव आयोग को किसी भी चुनाव चिन्ह के उपयोग और निर्वाचन प्रक्रिया में जल्दबाजी से बचने का निर्देश दिया जाए। उनके वकील ने यह भी कहा कि विवाद का समाधान होने तक ‘आम’ चिन्ह को फ्रीज़ करना ही उचित कदम होगा।
इस कदम से तमिलनाडु और पुदुचेरी में चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और पार्टी के भीतर उभरते गुटीय मतभेद को चुनावों पर असर डालने से रोका जा सकेगा।
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