राजस्थान की राजधानी जयपुर में संविदा नर्सिंगकर्मी दीपक खारवाल की मौत के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पति की मौत का सदमा नहीं सह पाईं उनकी तीन महीने की गर्भवती पत्नी करिश्मा खारवाल ने सोमवार को कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया।
घटना के बाद करिश्मा की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उन्हें तुरंत सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल के वार्ड 4सी में भर्ती कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल उनकी हालत स्थिर बनी हुई है, लेकिन उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।
एक ही परिवार में कुछ ही दिनों के अंतराल में हुई इन दो बड़ी घटनाओं से परिजन और परिचित गहरे सदमे में हैं। परिवार के अनुसार, दीपक की मौत के बाद से करिश्मा मानसिक रूप से काफी परेशान थीं।
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दीपक खारवाल जयपुर के महिला चिकित्सालय, सांगानेरी गेट में संविदा नर्सिंगकर्मी के पद पर कार्यरत थे। वह उन 400 से अधिक संविदा कर्मचारियों में शामिल थे, जिन्हें निजी प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से नियुक्त किया गया था। बाद में इन कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया गया था। नौकरी जाने के बाद दीपक लगातार तनाव में रहने लगे थे।
संविदा कर्मचारियों की छंटनी के विरोध में कर्मचारी लगातार मेडिकल कॉलेज के बाहर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। दीपक भी अपने साथियों के साथ आंदोलन में शामिल हुए थे। बताया गया कि धरने से लौटने के बाद उन्होंने कथित रूप से जहरीला पदार्थ खा लिया। काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आने पर साथियों ने दरवाजा तोड़ा और उन्हें बेहोशी की हालत में पाया। उन्हें एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दीपक की मौत के बाद नर्सिंगकर्मियों और परिजनों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया था। उन्होंने सरकार से परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की थी। दीपक अपने पीछे तीन साल के बेटे और गर्भवती पत्नी को छोड़ गए थे।
अब करिश्मा के आत्महत्या के प्रयास के बाद परिवार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। फिलहाल एसएमएस अस्पताल में उनका इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए हैं।
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