सीरिया में संघर्षविराम (सीजफायर) की समयसीमा समाप्त होने के साथ ही कुर्द-नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज़ (SDF) पर अपने लड़ाकों को पूरी तरह सीरियाई सेना में शामिल करने का दबाव तेज़ हो गया है। इस बीच, सीरिया के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को इस बात से इनकार किया कि सरकार और एसडीएफ के बीच सीजफायर की अवधि बढ़ाने को लेकर कोई समझौता हुआ है।
सीरियन के विदेश मंत्रालय ने कहा, “एसडीएफ के साथ सीजफायर की समयसीमा बढ़ाने को लेकर जो बातें फैलाई जा रही हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है।” इससे पहले, सीरियाई सेना और एसडीएफ ने मंगलवार को चार दिन के संघर्षविराम पर सहमति जताई थी। इसके तहत कुर्द लड़ाकों ने बड़े इलाकों को सरकारी बलों के हवाले कर दिया था, जबकि सरकार ने उत्तर-पूर्व में एक कुर्द गढ़ में अतिरिक्त सैन्य बल भेजे थे।
पिछले दो हफ्तों में सीरियाई सरकारी बलों ने उत्तरी और पूर्वी इलाकों के बड़े हिस्से एसडीएफ से अपने नियंत्रण में ले लिए हैं, जिससे राष्ट्रपति अहमद अल-शारा की सत्ता और मजबूत हुई है। अल-शारा की सेनाएं उत्तर-पूर्व में कुर्दों के नियंत्रण वाले अंतिम शहरों के समूह के करीब पहुंच गई थीं, तभी उन्होंने अचानक सीजफायर की घोषणा की और एसडीएफ को शनिवार रात तक सीरियाई सेना में एकीकरण की योजना पेश करने का समय दिया।
और पढ़ें: थाईलैंड का आरोप: सीमा पार दुर्घटना में कंबोडिया ने संघर्षविराम तोड़ा
इस दौरान प्रमुख तेल क्षेत्रों, जलविद्युत बांधों और आईएसआईएल (ISIS) से जुड़े लड़ाकों व नागरिकों को रखने वाली कुछ सुविधाओं को सरकारी नियंत्रण में ले लिया गया। रक्का प्रांत की अल-अक्तान जेल, जहां हजारों आईएसआईएल लड़ाके बंद हैं, अब सरकार के अधीन है।
रिपोर्ट के अनुसार, अल-होल शिविर भी अब पूरी तरह सीरियाई सेना के नियंत्रण में है और किसी के भागने की सूचना नहीं मिली है।
हालांकि बातचीत से समाधान की उम्मीद बनी हुई है, लेकिन दोनों पक्षों ने सैन्य तैयारियां भी बढ़ा दी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सीरियाई सेना और एसडीएफ दोनों ही हसाका के आसपास अपनी-अपनी तैनाती मजबूत कर रहे हैं। इसी बीच, अमेरिका सैकड़ों बंद आईएसआईएल लड़ाकों को सीरिया से इराक स्थानांतरित कर रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, “सीरिया का भविष्य हर दिन, हर घंटे तय हो रहा है और फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता यही है कि सीजफायर किसी तरह बना रहे।”
और पढ़ें: अफगानिस्तान में नाटो की भूमिका पर ट्रंप की टिप्पणी अस्वीकार्य: डेनमार्क की प्रधानमंत्री