वर्ष 2019 में हुए पुलवामा आतंकी हमले की सातवीं बरसी पर पूरे देश ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनका साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण हर भारतीय को प्रेरित करता है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि 2019 में इसी दिन पुलवामा में शहीद हुए वीरों को याद करते हुए देश गर्व और कृतज्ञता से भर जाता है। उन्होंने कहा कि इन वीर जवानों की निष्ठा, संकल्प और सेवा राष्ट्र की सामूहिक चेतना में सदैव अंकित रहेंगे तथा हर भारतीय उनके अदम्य साहस से शक्ति प्राप्त करता है।
14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले को देश ‘काला दिवस’ के रूप में याद करता है। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को और अधिक मजबूत किया।
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उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र की स्मृति में सदैव अमिट रहेगा और एक सशक्त व सुरक्षित भारत के निर्माण के प्रयासों को प्रेरित करता रहेगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा शत्रु है और भारत इसे जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने शहीद जवानों की वीरता को नमन करते हुए कहा कि देश अपने सुरक्षा बलों और एजेंसियों के साहस, समर्पण और बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी हमले में शहीद हुए जवानों को अनंत नमन किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथने कहा कि जवानों का बलिदान आतंकवाद को जड़ से मिटाने के भारत के अटूट संकल्प को दर्शाता है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राष्ट्र शहीदों के अदम्य साहस का सदैव ऋणी रहेगा। वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि शहीदों की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।
देशभर में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया और शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
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