महाराष्ट्र के पुणे में जहरीली शराब पीने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह शराब एक अवैध नेटवर्क के जरिए सप्लाई की गई थी, जो हडपसर और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्रों में सक्रिय था। कई अन्य पीड़ितों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। पुलिस और आबकारी विभाग ने इस रैकेट के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है।
यह घटनाएं पुणे शहर के हडपसर इलाके और पिंपरी-चिंचवड़ के कुछ हिस्सों में दर्ज की गईं। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। मृतकों में दत्ता माधवराव सूर्यवंशी (55), अशोक रमेश चव्हाण (52), राहुल शरद क्षीरसागर (45), विजय भुकुर्लाल शर्मा (45) और अरुण डादर सहित अन्य लोग शामिल हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस अवैध शराब कारोबार के पीछे मिथेनॉल नामक अत्यंत जहरीले रसायन का इस्तेमाल किया गया था, जिसे मिलाकर शराब को घातक बनाया गया। जांच के अनुसार मुख्य आरोपी योगेश वानखेडे ने उरुली कांचन के सप्लायर राजू प्रजापति से अवैध शराब खरीदी थी, जिसे बाद में पानी और मिथेनॉल मिलाकर बेचा गया।
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जांच में यह भी पता चला है कि यह जहरीली शराब फुगेवाड़ी, हडपसर और दापोड़ी में चल रहे अवैध ठिकानों के जरिए बेची जा रही थी। एक टॉडी शॉप का उपयोग भी मिलावट के लिए किया गया था।
पुलिस ने अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया और पूरे अवैध शराब नेटवर्क को खत्म करने के निर्देश दिए हैं।
जांच अब सीआईडी को सौंप दी गई है और पूरे सप्लाई चेन की गहन जांच की जा रही है। प्रशासन ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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