पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान और तेज होती नजर आ रही है। पार्टी हाईकमान ने कथित तौर पर साफ कर दिया है कि हाल में किए गए संगठनात्मक बदलावों को वापस नहीं लिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने पार्टी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि नेतृत्व द्वारा लिए गए फैसले अंतिम हैं।
चंडीगढ़ में जिला अध्यक्षों, विधायकों और पूर्व विधायकों के साथ हुई अलग-अलग बैठकों में भूपेश बघेल ने कहा कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के अध्यक्ष बने रहेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी की विभिन्न समितियों में जिम्मेदारी दिए गए वरिष्ठ नेताओं को मौजूदा संगठनात्मक ढांचे के अनुसार ही काम करना होगा।
सूत्रों के अनुसार, बघेल ने नेताओं से कहा कि संगठन में किए गए बदलावों को लेकर कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और सभी नेताओं को पार्टी को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करना होगा।
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इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा था कि पंजाब कांग्रेस में जो भी मतभेद हैं, उन्हें पार्टी हाईकमान जल्द सुलझा लेगा। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने भरोसा जताया कि सभी नेता एकजुट होकर आगामी चुनाव लड़ेंगे और राज्य में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए काम करेंगे।
वहीं, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं की अभी तक भूपेश बघेल से मुलाकात नहीं हुई है। हालांकि राजा वड़िंग ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि चन्नी जल्द ही बघेल से मुलाकात करेंगे।
वड़िंग ने बताया कि बघेल पार्टी की लगभग सभी समितियों के अध्यक्षों से मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अभियान समिति के प्रमुख चरनजीत सिंह चन्नी और कोर कमेटी के अध्यक्ष सुखजिंदर सिंह रंधावा भी जल्द पंजाब प्रभारी से मुलाकात करेंगे।
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