भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के क्वाड समूह (QUAD) ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद संयुक्त बयान जारी कर आतंकवाद, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दबाव की राजनीति और समुद्री व्यापार मार्गों में बाधा डालने की कोशिशों पर कड़ा रुख अपनाया। भारत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में क्वाड देशों ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की।
संयुक्त बयान में कहा गया कि क्वाड “हर प्रकार के आतंकवाद, विशेषकर सीमा पार आतंकवाद” की स्पष्ट रूप से निंदा करता है। समूह ने आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत निर्णायक और लगातार कार्रवाई की मांग की। बयान में वैश्विक आतंकियों, उनके समर्थकों, वित्तपोषकों और सहयोगी संगठनों के खिलाफ सख्त कदम उठाने पर जोर दिया गया।
क्वाड देशों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को “स्वतंत्र और खुला” बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। बयान में कहा गया कि इस क्षेत्र की शांति, स्थिरता और समृद्धि अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर निर्भर करती है। समूह ने किसी भी देश द्वारा बल प्रयोग या दबाव के जरिए यथास्थिति बदलने की कोशिशों का विरोध किया।
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पूर्वी और दक्षिण चीन सागर की स्थिति पर चिंता जताते हुए क्वाड ने खतरनाक गतिविधियों, वाटर कैनन के इस्तेमाल और जहाजों को रोकने जैसी घटनाओं का उल्लेख किया। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में वैश्विक व्यापार के निर्बाध संचालन का समर्थन किया गया।
क्वाड ने दक्षिण-पूर्व एशिया में बढ़ते ऑनलाइन स्कैम सेंटरों, साइबर अपराध और मानव तस्करी पर भी चिंता जताई। इसके अलावा, समुद्री सुरक्षा के लिए भारत की गुरुग्राम स्थित सूचना फ्यूजन सेंटर की भूमिका की सराहना की गई।
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