लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार (4 फरवरी 2026) को संसद परिसर में पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे के कथित अप्रकाशित संस्मरण को दिखाते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में आते हैं तो वह व्यक्तिगत रूप से उन्हें ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ की एक प्रति सौंपेंगे।
राहुल गांधी ने संस्मरण के कुछ अंशों का हवाला दिया और दावा किया कि इस किताब में अक्टूबर 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन गतिरोध के दौरान सरकार की प्रतिक्रिया से जुड़ी “सच्चाई” सामने आती है। उनके इस बयान के बाद संसद का माहौल और गरमा गया और लोकसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्षी सदस्यों ने लगातार नारेबाजी की, जिसके चलते सदन को कई बार स्थगित करना पड़ा।
इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे पहले भी राहुल गांधी ने इसी विषय पर चर्चा करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें सदन में कथित संस्मरण का हवाला देने की अनुमति नहीं मिली थी। इसी विवाद के चलते बजट सत्र के दौरान संसद में कई बार हंगामा देखने को मिला।
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संसद परिसर के बाहर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज रही। राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर कड़े शब्दों में आरोप लगाए। इस घटनाक्रम ने संसद के माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है।
यह मामला अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका है और आने वाले दिनों में संसद में इस पर और चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
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