नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं और वे किसी न किसी रूप में अमेरिका के प्रभाव में काम कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने एक बयान में कहा कि यदि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी बात के लिए कहेंगे, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसका पालन करने को मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री के पास कुछ ऐसी संवेदनशील जानकारियां हैं, जो उनके राजनीतिक निर्णयों को प्रभावित कर सकती हैं।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि देश की विदेश नीति और आंतरिक निर्णयों में स्वतंत्रता की आवश्यकता होती है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार बाहरी दबावों से प्रभावित हो सकती है।
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राहुल गांधी के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। भाजपा नेताओं ने उनके आरोपों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है और कहा है कि यह केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश है।
भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा देशहित को सर्वोपरि रखा है और भारत की विदेश नीति पूरी तरह स्वतंत्र और मजबूत है।
वहीं, कांग्रेस समर्थकों ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है और इस पर खुली चर्चा होनी चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर सियासी माहौल और गर्म हो सकता है, क्योंकि यह मुद्दा सीधे प्रधानमंत्री की कार्यशैली और विदेश नीति से जुड़ा हुआ है।
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