16 मार्च 2026 को देश के 10 राज्यों में 37 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान हुआ। ये चुनाव इसलिए आयोजित किए गए क्योंकि कई मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है। मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक राज्य विधानसभाओं में हुआ और मतगणना शाम 5 बजे शुरू हुई।
26 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। शेष सीटों के लिए महाराष्ट्र, तमिलनाडु, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, हरियाणा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश में मुकाबला हुआ। राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित विधायक द्वारा अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और सिंगल ट्रांसफरेबल वोट पद्धति से चुने जाते हैं।
ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के दौरान तीन कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग सामने आई। सोफिया फ़िरदौस (बाराबती-कटक), रमेश चंद्र जेना (सनाकहेमुण्डी) और दसरथी गोमांगो (मोहना) ने संयुक्त बीजेडी-कांग्रेस उम्मीदवार के बजाय भाजपा समर्थित व्यवसायी दिलीप रे को वोट दिया। ओडिशा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने इस जानकारी की पुष्टि की। ओडिशा की चार राज्यसभा सीटों के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में हैं।
और पढ़ें: राज्यसभा चुनाव 2026: बिहार और ओडिशा में विपक्ष को झटका, क्रॉस वोटिंग से बढ़ा सियासी तापमान
बिहार में महागठबंधन को बड़ा झटका लगा क्योंकि उसके चार विधायक मतदान में अनुपस्थित रहे। इसमें आरजेडी के फैसल रहमान और कांग्रेस के मनोहर प्रसाद, सुरेंद्र कुशवाहा और मनोज विश्वास शामिल थे। इसके कारण एनडीए को 5 सीटों पर बढ़त मिलने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि बिहार में एनडीए की बढ़त और ओडिशा में क्रॉस वोटिंग से राज्यसभा में राजनीतिक समीकरण प्रभावित होंगे।
और पढ़ें: हमारे पास पर्याप्त संख्या है: तेजस्वी यादव को RJD की राज्यसभा जीत पर भरोसा