उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर दान चोरी मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। स्थानीय अदालत ने इस मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब सभी आरोपी 13 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे। इनमें टिन्नू यादव सहित अन्य आरोपी शामिल हैं।
यह आदेश विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय) रजत वर्मा ने दिया। पुलिस ने अदालत से कहा कि जांच पूरी होने तक सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में रखा जाना आवश्यक है।
इस मामले ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी हलचल मचा दी है, जहां अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। समाजवादी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। वहीं कांग्रेस ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एफआईआर विपक्ष के दबाव के कारण दर्ज की गई।
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हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी और विपक्ष इस मामले का राजनीतिकरण कर रहा है। राज्य सरकार ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का विरोध किया था और अब वे केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को उठा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि जो लोग भगवान राम में विश्वास नहीं रखते, वे इस मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं।
इस मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। रविवार को एसआईटी ने सभी आठ आरोपियों के घरों पर छापेमारी भी की थी। आरोपियों पर मंदिर में आने वाले दान की गिनती और प्रबंधन में गड़बड़ी कर धन के गबन का आरोप है।
अब तक जांच में करीब 79.85 लाख रुपये बरामद किए गए हैं और जांच अभी जारी है।
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