केंद्रीय रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है।
आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दिया, जिसे राष्ट्रपति ने मंजूरी प्रदान कर दी। हालांकि, इस्तीफे के पीछे के कारणों को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
रवनीत सिंह बिट्टू के इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि वह अगले वर्ष होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, उनके चुनावी मैदान में उतरने की संभावनाओं को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।
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रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वह पहले कांग्रेस से जुड़े रहे और पंजाब से सांसद भी रह चुके हैं। बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा और केंद्र सरकार में मंत्री पद संभाला।
बिट्टू को रेल मंत्रालय और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने रेलवे विस्तार, यात्री सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े कई कार्यक्रमों में भाग लिया।
उनके इस्तीफे को पंजाब की आगामी राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है। राज्य में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति तैयार करने में जुटे हुए हैं। ऐसे में बिट्टू की अगली राजनीतिक भूमिका पर सबकी नजर बनी हुई है।
केंद्र सरकार की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उनके मंत्रालयों का अतिरिक्त प्रभार किसे दिया जाएगा। आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल में इस संबंध में बदलाव या नई जिम्मेदारी को लेकर घोषणा की जा सकती है।
रवनीत सिंह बिट्टू के इस्तीफे के बाद पंजाब की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विशेषज्ञ इसे आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देख रहे हैं।
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