इस वर्ष 26 जनवरी को होने वाली 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में कई ऐतिहासिक “पहली बार” देखने को मिलेंगी। रॉकेट लॉन्चर प्रणाली ‘सूर्यास्त्र’, नई गठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन, जांस्कर के घोड़े और बैक्ट्रियन ऊंट पहली बार परेड का हिस्सा होंगे। दिल्ली क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल नव्राज ढिल्लों ने बताया कि इस भव्य समारोह में करीब 6,000 रक्षा कर्मी भाग लेंगे।
पहली बार 61 कैवेलरी के घुड़सवार दल के जवान पारंपरिक परिधान की जगह युद्धक पोशाक में नजर आएंगे। इसके साथ ही स्वदेशी सैन्य प्लेटफॉर्म और उनके साथ तैनात जवान “फेज्ड बैटल एरे फॉर्मेशन” में कर्तव्य पथ से गुजरेंगे। यह नया प्रारूप दर्शकों को युद्ध जैसी वास्तविक स्थिति का अनुभव कराने के उद्देश्य से अपनाया गया है।
इस परेड में तोपखाने में गठित नई शक्तिबाण रेजिमेंट की भी शुरुआत होगी, जिसे ड्रोन, काउंटर-ड्रोन और लोइटर म्यूनिशन से लैस किया गया है। इसके अलावा ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल प्रणाली, एमआरएसएएम, एटीएजीएस, धनुष तोप और विभिन्न ड्रोन प्रदर्शित किए जाएंगे। यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम ‘सूर्यास्त्र’, जो 300 किलोमीटर तक सतह से सतह पर हमला करने में सक्षम है, पहली बार जनता के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
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परेड में 18 मार्चिंग टुकड़ियां और 13 बैंड शामिल होंगे। पशु दल में जांस्कर पोनी, बैक्ट्रियन ऊंट, शिकारी पक्षी और सेना के श्वान शामिल रहेंगे। रिमाउंट वेटरनरी कोर की कप्तान हर्षिता राघव इस दल का नेतृत्व करेंगी। परेड का मुख्य आकर्षण 29 विमानों का फ्लाईपास्ट होगा। इस वर्ष परेड की थीम ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष हैं।
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