इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बेटे रॉकी फ्लिंटॉफ ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए लंकाशायर के रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा लिया है। महज 18 साल और 126 दिन की उम्र में रॉकी ने वन-डे कप में समरसेट के खिलाफ 76 गेंदों पर 123 रनों की तूफानी पारी खेली।
टॉन्टन में खेले गए मुकाबले में रॉकी ने अपनी पारी के दौरान 10 चौके और सात छक्के लगाए। उनके शानदार प्रदर्शन की बदौलत लंकाशायर ने छह विकेट पर 443 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो टीम का लिस्ट-ए क्रिकेट में अब तक का सर्वोच्च स्कोर है।
रॉकी ने कीटन जेनिंग्स के साथ मिलकर 214 रनों की बड़ी साझेदारी की। जेनिंग्स ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 127 गेंदों पर 156 रन बनाए। इसके बाद लंकाशायर ने समरसेट को 174 रनों से हराया और टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में बेन स्टोक्स की टीम डरहम से मुकाबले की जगह पक्की कर ली।
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मैच के बाद जेनिंग्स ने रॉकी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि क्रिकेट से जुड़े परिवार से आने के कारण रॉकी पर स्वाभाविक रूप से दबाव रहता है, लेकिन उसमें खुद को जमीन से जोड़े रखने और अपनी प्रतिभा के दम पर प्रदर्शन करने की क्षमता है।
रॉकी के शतक ने 1890 से चले आ रहे एक रिकॉर्ड को भी समाप्त कर दिया। इससे पहले आर्ची मैकलारेन लंकाशायर के सबसे युवा प्रथम टीम शतकवीर थे। उन्होंने 18 साल और 256 दिन की उम्र में होव में 106 रन बनाए थे। रॉकी ने उनसे 130 दिन पहले यह उपलब्धि हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाया।
रॉकी ने 16 साल की उम्र में ही क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित करना शुरू कर दिया था। उनकी बल्लेबाजी शैली में उनके पिता एंड्रयू फ्लिंटॉफ की झलक दिखाई देती है। एंड्रयू फ्लिंटॉफ इंग्लैंड की 2005 एशेज जीत के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल थे।
चोटों के कारण रॉकी की प्रगति कुछ समय प्रभावित हुई, लेकिन वह मुख्य रूप से बल्लेबाज के रूप में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। वह इंग्लैंड अंडर-19 के लिए कई शतक लगा चुके हैं और 2025 की शुरुआत में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ लायंस के लिए भी शतक जड़ चुके हैं। लंकाशायर के लिए यह उनका पहला शतक और वरिष्ठ क्रिकेट में उनकी बड़ी उपलब्धि है।
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