उत्तर प्रदेश के देवरिया में आरएसएस से जुड़े कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी की हत्या के मामले में आरोपी दीपक तिवारी पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, रविवार को सुथावर मोड़ इलाके में चेकिंग के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में उसके बाएं पैर में गोली लगी।
घायल दीपक तिवारी को पहले लार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया। पुलिस ने उसके कब्जे से 315 बोर का देशी तमंचा, दो खोखे और एक जिंदा कारतूस बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के मुताबिक, लार थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान दीपक तिवारी ने कथित तौर पर भागने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की। इसके बाद पुलिस ने जवाबी गोलीबारी की, जिसमें वह घायल हुआ।
और पढ़ें: मुठभेड़ के बाद स्नैचर इमरान गिरफ्तार, पैर में गोली लगते ही बोला- अब कभी अपराध नहीं करूंगा
यह कार्रवाई आरएसएस कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी की मौत के कुछ दिन बाद हुई है। देवरिया के भीखम छपरा गांव निवासी रामेश्वर पर एक अक्टूबर को पुराने पारिवारिक संपत्ति विवाद और सड़क पर ब्रेकर बनाने को लेकर हुए विवाद के दौरान हमला किया गया था।
रामेश्वर की पत्नी अमृता देवी के अनुसार, शाम करीब पांच बजे कुछ लोग लाठी, हथौड़ा और लोहे के हथियार लेकर उनके घर पहुंचे और उनके पति पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पर उनके साथ भी मारपीट की गई। रामेश्वर को पहले लार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर देवरिया के महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मामले में अमृता देवी की शिकायत पर संजय तिवारी, दीपक तिवारी, प्रांजल तिवारी, अभिनीत तिवारी, आदित्य तिवारी और निखिल तिवारी समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की थीं। इस बीच कथित लापरवाही के मामले में थाना प्रभारी राकेश सिंह, उपनिरीक्षक राम मूरत राम और दो कांस्टेबलों समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
और पढ़ें: जमुई नाबालिग उत्पीड़न मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ में घायल