भारत में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में एक अजीब पल तब देखा गया जब ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और एन्थ्रोपिक के सीईओ डारियो एमोडेई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ग्रुप फोटो में हाथ नहीं मिलाए। दोनों ने हाथ मिलाने के बजाय अपने मुट्ठी उठाकर अलग-अलग खड़े होने का संकेत दिया।
इस सार्वजनिक झिझक के पीछे दरअसल गहरी दार्शनिक मतभेद की कहानी है। 2021 में डारियो एमोडेई ने ओपनएआई छोड़कर एन्थ्रोपिक की स्थापना की थी। उन्होंने महसूस किया कि केवल एआई मॉडल को अधिक कम्प्यूटिंग शक्ति देकर बड़ा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि एआई को सुरक्षित और मानव-मूल्यों के अनुकूल बनाना ज़रूरी है। उन्होंने 2023 में कहा, “मॉडल को उनके मूल्यों के बारे में सिर्फ अधिक कम्प्यूट डालकर नहीं बताया जा सकता। इसके लिए एलायन्मेंट और सुरक्षा जरूरी है।”
ओपनएआई की नीति तेजी से नवाचार और सार्वजनिक तैनाती पर केंद्रित है। इसका चैटबॉट ChatGPT दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ते उपभोक्ता एप्लिकेशन में से एक बन गया है। वहीं, एन्थ्रोपिक सुरक्षा और जिम्मेदार एआई पर जोर देता है। इसका चैटबॉट Claude AI “संवैधानिक एआई” के सिद्धांतों पर आधारित है, जो एलायन्मेंट और गार्डरेलों पर ध्यान देता है।
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इस घटना ने दो प्रमुख एआई कंपनियों – ओपनएआई और एन्थ्रोपिक – के दृष्टिकोण के अंतर को प्रतीकात्मक रूप में सामने लाया:
- ओपनएआई: तेजी से नवाचार और तैनाती
- एन्थ्रोपिक: सुरक्षा, एलायन्मेंट और दीर्घकालिक जिम्मेदारी
समिट का यह छोटा सा क्षण केवल सेकंड का था, लेकिन यह भविष्य में एआई विकास की गति और सुरक्षा के बीच चल रहे बहस का प्रतीक बन गया।
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