सऊदी अरब अक्टूबर में यूरोपीय रिफाइनरियों को कच्चे तेल की आपूर्ति रोक सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अधिकारियों ने यूरोप के दो तेल रिफाइनिंग ग्राहकों को इसकी जानकारी दी है। हालांकि, सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने इस खबर की पुष्टि नहीं की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला सभी यूरोपीय खरीदारों पर लागू हो सकता है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब यमन के हूती लगातार सऊदी अरब को निशाना बना रहे हैं। हाल ही में हूतियों ने सऊदी अरब के ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन कॉरिडोर पर हमला किया था, जिससे उसे भारी नुकसान पहुंचने की बात कही गई।
सऊदी अरब यूरोप को कच्चे तेल की बड़ी मात्रा में आपूर्ति करने वाले देशों में शामिल है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के हवाले से बताया कि जून में सऊदी अरब ने यूरोपीय देशों को करीब 5.77 लाख बैरल कच्चा तेल प्रतिदिन उपलब्ध कराया था। यदि आपूर्ति वास्तव में रोक दी जाती है, तो यूरोप के ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। क्षेत्र पहले से ही मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से जूझ रहा है।
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सऊदी-हूती संघर्ष में कई मौतें
सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूतियों के बीच लगातार हमलों में कई लोगों की मौत हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, यमन में पिछले 24 घंटों में 23 सरकारी सैनिक मारे गए, जबकि हूतियों ने दावा किया कि सऊदी हवाई हमलों और जमीनी लड़ाई में उसके 40 लड़ाके मारे गए।
सऊदी अरब में भी गुरुवार को पहली मौत की सूचना मिली। सिविल डिफेंस के अनुसार, ताइफ गवर्नरेट में एक ड्रोन को गिराए जाने के बाद उसके मलबे से एक व्यक्ति की मौत हुई और दो लोग घायल हुए।
हूतियों के हमलों के बीच सऊदी अरब क्षेत्रीय सहयोगियों से मदद मांग रहा है। पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का उल्लेख करते हुए कहा है कि वह राज्य की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा। हालांकि, उसने हूतियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर स्पष्ट घोषणा नहीं की है।
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