तीन दिन की तेजी के बाद, भारत के शेयर बाजार में गुरुवार, 19 मार्च 2026 को शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट देखने को मिली। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,953.21 अंक या 2.54 प्रतिशत गिरकर 74,750.92 पर खुला। एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 580.05 अंक या 2.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,197.75 पर पहुंचा। इस गिरावट के बीच, निवेशकों की संपत्ति में 8.28 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। बीएसई सूचीबद्ध कंपनियों की कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछली सत्र के 43,86,355.25 करोड़ रुपये से घटकर 43,03,479 करोड़ रुपये रह गई।
आज के क्रैश के पीछे कई कारण हैं:
- कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 3.77 प्रतिशत बढ़कर 111.4 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
- युद्ध की तीव्रता: तेल की कीमतों में वृद्धि अमेरिकी और इज़राइल के ईरान युद्ध के बीच आई। इज़राइल ने ईरान के साउथ पार्स मेगा-फील्ड को निशाना बनाया, जो देश की घरेलू गैस का लगभग 70 प्रतिशत प्रदान करता है। इसके बाद ईरान ने कतर के रास लफ़्फान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिक्री: 18 मार्च को FII ने 2,714.4 करोड़ रुपये के शेयर बेचे और अपनी नौ सत्रों की बिक्री की श्रृंखला जारी रखी। घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) नेट खरीदार बने, 3,253 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
- कमजोर वैश्विक संकेत: अमेरिकी शेयरों में गिरावट और मुद्रास्फीति के बढ़ने की खबर के कारण एशियाई बाजारों में भी गिरावट आई। सियोल का कोस्पी, टोक्यो का निक्केई 225, शंघाई का SSE कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी कमजोर प्रदर्शन कर रहे थे।
विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक और घरेलू कारकों के मिश्रण से बाजार में निवेशकों में भय और बेचैनी बढ़ी, जिससे बड़ी बिकवाली हुई।
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