वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बावजूद भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुआ। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), वित्तीय और पूंजीगत वस्तुओं से जुड़े शेयरों में बिकवाली ने बाजार की धारणा पर दबाव डाला।
बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 329.91 अंक यानी 0.44 प्रतिशत गिरकर 74,529.08 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 435.28 अंक या 0.58 प्रतिशत तक टूटकर 74,423.71 अंक पर पहुंच गया था।
इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला निफ्टी 85.30 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,329 अंक पर बंद हुआ।
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सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और अल्ट्राटेक सीमेंट प्रमुख गिरावट वाले शेयर रहे। वहीं इटरनल, इंटरग्लोब एविएशन, टाइटन और टाटा स्टील बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।
वैश्विक तेल बाजार में भी नरमी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड 1.67 प्रतिशत गिरकर 98.66 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। हालांकि, कच्चे तेल की नरमी का फायदा घरेलू शेयर बाजार को नहीं मिल सका।
एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोन्मुडी आर. ने कहा कि वैश्विक माहौल अनुकूल रहने के बावजूद घरेलू बाजार में धारणा कमजोर रही। आईटी, वित्तीय और उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़े शेयरों में व्यापक बिकवाली के कारण प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, शंघाई का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजार भी सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार सोमवार को मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे।
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 576.20 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी।
इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स 564.03 अंक चढ़कर 74,858.99 और निफ्टी 67.90 अंक बढ़कर 23,414.30 पर बंद हुआ था।
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