महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर जारी बहस के बीच शिवसेना की प्रवक्ता शाइना एनसी ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के नेता अमित ठाकरे के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ‘सड़क पर जवाब देने’ की टिप्पणी को अनुचित बताते हुए कहा कि भाषा को बढ़ावा देने के लिए शांतिपूर्ण तरीके अपनाए जाने चाहिए।
शाइना एनसी ने कहा कि ऑटो-रिक्शा चालकों या अन्य लोगों को मराठी बोलने के लिए प्रेरित करना जरूरी है, लेकिन इसके लिए दबाव या आक्रामकता का सहारा नहीं लेना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में सामंजस्य बनाए रखना अधिक महत्वपूर्ण है और किसी भी तरह की टकराव की स्थिति से बचना चाहिए।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब अमित ठाकरे ने कथित तौर पर कहा कि मराठी भाषा का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए “सड़क पर जवाब” देना होगा। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है और विभिन्न दलों के नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं।
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शाइना एनसी ने कहा कि महाराष्ट्र की पहचान उसकी सांस्कृतिक विविधता और सहिष्णुता में निहित है। उन्होंने यह भी कहा कि मराठी भाषा का सम्मान और प्रचार आवश्यक है, लेकिन इसे सकारात्मक और रचनात्मक तरीके से किया जाना चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भाषा के मुद्दे को लेकर किसी भी तरह के विवाद या हिंसा से दूर रहें और आपसी समझदारी के साथ समाधान तलाशें।
इस मुद्दे ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर भाषा और पहचान से जुड़े सवालों को केंद्र में ला दिया है। आने वाले समय में इस पर और राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
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