महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शरद पवार और वरिष्ठ NCP (शरद पवार गुट) नेताओं की देर रात बैठक में चर्चा हुई कि क्या वे फिर से राज्यसभा का चुनाव लड़ेंगे। The Indian Witness के अनुसार, पवार ने इस सवाल पर चुप्पी साधी और निर्णय महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन के हाथ में छोड़ दिया। उन्होंने पार्टी नेताओं को सलाह दी कि पहले गठबंधन सहयोगियों की राय लें।
पवार चाहते हैं कि कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिव सेना (UBT) अपनी राय स्पष्ट करें। हालांकि, अभी तक दोनों पार्टियों ने खुले तौर पर उनके नाम का समर्थन नहीं किया। कांग्रेस ने कहा कि MVA के सभी साथी मिलकर उम्मीदवार तय करेंगे। वहीं, शिव सेना (UBT) ने संकेत दिया कि इस बार राज्यसभा सीट वही चाहती है।
यह बदलाव तब आया जब अजित पवार का 28 जनवरी को आकस्मिक निधन हुआ। पहले शरद पवार ने राज्यसभा चुनाव न लड़ने का ऐलान किया था। अजित पवार के निधन के बाद दो NCP गुटों के विलय की योजना प्रभावित हुई और शरद पवार गुट के नेताओं ने संकेत दिए कि वे चुनाव पर फिर विचार कर सकते हैं।
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महाराष्ट्र विधानसभा की राजनीतिक गणित चुनौतीपूर्ण है। 288 सदस्यीय विधानसभा में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 37 वोट जरूरी हैं। MVA की संयुक्त ताकत केवल एक सीट सुरक्षित रूप से जीतने के लिए पर्याप्त है, जबकि महायुति गठबंधन छह में से सात सीटें जीतने की स्थिति में है।
राज्यसभा चुनाव 2026
चुनाव आयोग ने 10 राज्यों में 37 राज्यसभा सीटों के लिए अधिसूचना जारी की है। नामांकन की अंतिम तिथि 9 मार्च है। मतदान 16 मार्च को होगा और गिनती उसी शाम संपन्न होगी।
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