हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े दो अहम फैसलों के खिलाफ गुरुवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। यह विरोध फीस वृद्धि और केएनएच (Kamla Nehru Hospital) से स्त्री रोग विभाग को हटाने के निर्णय के खिलाफ किया गया।
प्रदर्शन मार्च आईजीएमसी (Indira Gandhi Medical College) के बाहर निकाला गया, जिसमें डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, महिला संगठनों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के फैसलों को जनविरोधी बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं पर इस तरह के बदलाव आम जनता के लिए परेशानी बढ़ा सकते हैं। खासकर महिलाओं के लिए स्त्री रोग विभाग का स्थानांतरण गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि इससे उन्हें इलाज के लिए अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी।
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डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने भी चिंता जताई कि इस तरह के प्रशासनिक फैसले अस्पतालों की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुविधा पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के बजाय उन्हें और जटिल बनाया जा रहा है।
विरोध में शामिल संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपने फैसले वापस नहीं लिए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने इसे जनहित के खिलाफ निर्णय बताया और व्यापक जनसमर्थन की अपील की।
इस विरोध प्रदर्शन के कारण आईजीएमसी परिसर के बाहर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल रहा, हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्थिति को नियंत्रित रखा गया।
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