केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी इस मामले में पहले ही पूरी स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार की इथेनॉल नीति को लेकर किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर नितिन गडकरी ने विस्तार से जानकारी दी है और अब स्थिति पूरी तरह साफ है।
इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम केंद्र सरकार की उन पहलों में शामिल है, जिसका उद्देश्य पेट्रोल में इथेनॉल मिलाकर आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना, किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत उपलब्ध कराना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
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शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि क्षेत्र और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार लगातार नीतियां बना रही है। उन्होंने बताया कि इथेनॉल उत्पादन से गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से जुड़े किसानों को लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाना है और इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना को लेकर सरकार सभी पक्षों के हितों का ध्यान रख रही है।
हाल के दिनों में इथेनॉल मिश्रण को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई थी। विपक्ष और कुछ विशेषज्ञों ने इसके प्रभाव को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद सरकार की ओर से सफाई दी गई।
नितिन गडकरी पहले भी कई मौकों पर इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का समर्थन कर चुके हैं। उनका कहना रहा है कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और देश को पेट्रोलियम आयात पर होने वाले खर्च को कम करने में मदद मिलेगी।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार की नीतियां किसानों, उपभोक्ताओं और देश की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं। उन्होंने दोहराया कि इथेनॉल कार्यक्रम को लेकर किसी तरह की गलतफहमी की आवश्यकता नहीं है और सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।
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