कर्नाटक के शृंगेरी विधानसभा क्षेत्र में अप्रैल-मई 2023 के चुनावों में डाले गए पोस्टल बैलेट मतों की पुनर्गणना और सत्यापन प्रक्रिया शनिवार को भी पूरी नहीं हो सकी। यह प्रक्रिया कर्नाटक हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत कराई जा रही है, लेकिन देर शाम तक भी इसे पूरा नहीं किया जा सका।
अधिकारियों के अनुसार, पोस्टल बैलेट की जांच और पुनर्गणना प्रक्रिया में तकनीकी और प्रक्रियात्मक पहलुओं के कारण देरी हुई, जिसके चलते परिणाम घोषित नहीं हो पाए।
इस बीच राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। 2023 चुनाव में 201 वोटों के मामूली अंतर से जीत दर्ज करने वाले कांग्रेस उम्मीदवार टी.डी. राजे गौड़ा ने पुनर्गणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अनियमितताएं सामने आ रही हैं, इसलिए इस प्रक्रिया को तुरंत रोका जाना चाहिए।
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दूसरी ओर, भाजपा उम्मीदवार डी.एन. जीवराज के समर्थकों ने पुनर्गणना जारी रखने की मांग की है। उनका कहना है कि न्यायालय के निर्देशों के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ मतगणना होनी चाहिए ताकि परिणाम पर कोई संदेह न रहे।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह पुनर्गणना चुनावी परिणामों की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है, लेकिन दोनों दलों के बीच बढ़ते विवाद ने स्थिति को संवेदनशील बना दिया है।
चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों ने कहा है कि प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और नियमों के अनुसार पूरा किया जाएगा। अंतिम निर्णय और परिणाम सभी पक्षों की उपस्थिति में घोषित किए जाएंगे।
इस मामले ने शृंगेरी में राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है और दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
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