शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने महाराष्ट्र के नांदेड में हुए हमले को पंजाब की शांति और भाईचारे को प्रभावित करने की कोशिश बताया है। हमले के एक दिन बाद शुक्रवार को उन्होंने कहा कि वह किसी से डरने वाले नहीं हैं और उनका दल पंजाब की शांति के लिए किसी भी तरह का बलिदान देने को तैयार है।
नांदेड में सुखबीर बादल ने कहा कि हमलावरों का उद्देश्य पंजाब के हालात को नियंत्रित करना और राज्य की शांति भंग करना हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिरोमणि अकाली दल ऐसा कभी नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि पंजाब की प्रगति, सांप्रदायिक सौहार्द और धार्मिक भाईचारा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं।
सुखबीर बादल ने कहा, “मैं पहले भी पवित्र स्थानों पर हुए हमलों से नहीं डरा और अब भी डरने वाला नहीं हूं। शिरोमणि अकाली दल पंजाब के भाईचारे और गौरव के लिए प्रतिबद्ध है।”
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नांदेड के गुरुद्वारे में हुआ हमला
गुरुवार को सुखबीर सिंह बादल महाराष्ट्र के नांदेड स्थित गुरुद्वारा माता साहिब देवन जी मुगत में मौजूद थे, तभी उन पर हमला किया गया। हमले के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब 90 मिनट तक उनकी सर्जरी हुई। बाद में उनकी हालत स्थिर होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
हमले में उनकी सुरक्षा में तैनात महाराष्ट्र पुलिस के निरीक्षक संतोष वैजनाथ केंद्रे भी घायल हुए। अकाली दल के नेताओं ने उनकी बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सुखबीर बादल को बचाने के लिए मानव ढाल की तरह काम किया।
पुलिस ने हमले के आरोप में 62 वर्षीय जसपाल सिंह को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या के प्रयास और खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाने समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। यह सुखबीर बादल पर करीब दो वर्षों में हुआ दूसरा हमला बताया जा रहा है।
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