राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने बुधवार को स्पष्ट किया कि परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण विधेयक को लेकर पार्टी के समर्थन की खबरें केवल सूत्रों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया है।
सुप्रिया सुले ने कहा, "जब तक नया विधेयक पेश नहीं किया जाता, तब तक हम कुछ नहीं कह सकते। हमने महिला आरक्षण विधेयक को पूरी बहुमत के साथ पारित किया है।" उन्होंने कहा कि अगर परिसीमन जनसंख्या के आधार पर किया गया तो दक्षिणी राज्यों के साथ अन्याय हो सकता है।
उन्होंने बताया कि पहले भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और किरण रिजिजू की ओर से हर राज्य के लिए 50 प्रतिशत फार्मूले का सुझाव दिया गया था। सुले के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत महाराष्ट्र में लोकसभा सीटों की संख्या 48 से बढ़कर 72 हो सकती है।
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एनसीपी सांसद ने पार्टी के राजनीतिक रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी पार्टी का एनडीए में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा, "हम पहले कांग्रेस में विलय हुए और फिर भाजपा में जाने की बात कही गई, लेकिन अब केवल मनसे बची है। हमारे किसी भी नेता ने एनडीए में शामिल होने की बात नहीं कही है और हम एनडीए में शामिल नहीं होंगे।"
इससे पहले सूत्रों ने दावा किया था कि शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) आगामी मानसून सत्र में महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक का समर्थन कर सकती है। हालांकि, यह समर्थन सरकार में शामिल हुए बिना मुद्दा आधारित होने की बात कही गई थी।
इसी बीच महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तब बढ़ गई जब एनसीपी के दोनों गुटों के नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। अजित पवार गुट के नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने मुंबई स्थित मुख्यमंत्री आवास वर्षा में मुलाकात की। इसके बाद शरद पवार गुट के नेता जयंत पाटील भी वहां पहुंचे।
जयंत पाटील ने मुलाकात को लेकर सफाई देते हुए कहा कि वह अपने विधानसभा क्षेत्र इस्लामपुर के नगर परिषद अध्यक्ष की अयोग्यता मामले को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने गए थे। उन्होंने कहा कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे की मुख्यमंत्री से हुई बातचीत के विषय की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी और उनकी मुलाकात पूरी तरह अलग मुद्दे पर हुई थी।
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