स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ अपनी मुहिम तेज करते हुए 7 मार्च से वाराणसी से लखनऊ तक 'गौ धर्मयुद्ध' मार्च निकालने की घोषणा की है। स्वामी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 40 दिन का अल्टीमेटम दिया था, जिसमें से 30 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
स्वामी का यह मार्च प्रदेश सरकार के साथ उनके बढ़ते टकराव को और बढ़ा सकता है। स्वामी और मुख्यमंत्री के बीच पिछले एक महीने से सार्वजनिक रूप से तीखी बहस चल रही है।
स्वामी ने हाल ही में प्रयागराज के माघ मेला में कथित रूप से मुख्यमंत्री द्वारा किए गए अपमान को लेकर सरकार को निशाना बनाया था, जबकि मुख्यमंत्री ने स्वामी के उत्तराखंड के ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए थे।
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के इस मार्च को लेकर प्रशासन के साथ संभावित टकराव की आशंका जताई जा रही है। उनके समर्थकों के अनुसार, यह आंदोलन गायों और धर्म के प्रति सरकार की नीतियों का विरोध करने के लिए है। स्वामी ने इस मार्च के दौरान अपनी आवाज को बुलंद करने की योजना बनाई है।
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