हिंदू कार्यकर्ता स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हिरासत में लिया गया। उन पर जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट करने का आरोप है।
यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की उस घोषणा के कुछ घंटे बाद हुई, जिसमें प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया गया था कि आरोपी को 72 घंटे के भीतर पकड़ लिया जाएगा। कथित घटना के बाद भारद्वाज के छिपने की सूचना थी, जिसके बाद पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में जुटी थीं।
मामला उस समय और चर्चा में आया, जब एक साक्षात्कार की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई। इसमें भारद्वाज कथित तौर पर यह कहते सुनाई दिए कि उन्होंने संजय कुमार का “सिर फोड़ दिया” था। यह घटना कथित तौर पर 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई थी। भारद्वाज स्वयं को ‘कट्टर हिंदू’ बताते हैं।
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अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। बताया गया कि वह नैथला गांव से बुलेट मोटरसाइकिल पर निकलकर खुर्जा की ओर गए थे। पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह वहां से आगे निकल गए। यात्रा के दौरान उन्होंने हेलमेट पहन रखा था।
इसी बीच सीजेपी कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर प्रदर्शन कर आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने संजय कुमार से कथित मारपीट के मामले में पुलिस से गिरफ्तारी की मांग की।
भारद्वाज ने आरोपों से इनकार करते हुए घटना को आत्मरक्षा बताया। उनका दावा है कि उन्हें 10-15 लोगों ने घेर लिया था और अगर उन्होंने खुद को बचाने के लिए कार्रवाई नहीं की होती तो उनकी हत्या या भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार दिए जाने का खतरा था। उन्होंने कहा कि उनके पास अपने दावे के समर्थन में वीडियो प्रमाण मौजूद हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल पॉडकास्ट क्लिप को भी फर्जी बताया और दावा किया कि इसे राहुल गांधी समेत अन्य लोगों ने साझा किया। भारद्वाज ने कहा कि वह जांच में सहयोग कर रहे हैं।
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