महाराष्ट्र के परभणी नगर निगम में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के नेता सैयद इकबाल गुरुवार को मेयर चुने गए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार तिरुमला खिलारे को 13 वोटों से हराया। मेयर चुनाव में इकबाल को 39 वोट मिले, जबकि खिलारे को 26 वोट प्राप्त हुए। इस जीत में शिवसेना (UBT) और कांग्रेस के बीच हुए चुनाव पूर्व गठबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कांग्रेस के पार्षद गणेश देशमुख को डिप्टी मेयर चुना गया।
इस परिणाम के साथ परभणी महाराष्ट्र का एकमात्र नगर निगम बन गया है जहां उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) ने मेयर पद हासिल किया है। नगर निगम चुनाव में शिवसेना (UBT) 25 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जबकि कांग्रेस और बीजेपी को 12-12 सीटें मिलीं और अजित पवार की एनसीपी को 11 सीटें मिलीं। शिवसेना (UBT)-कांग्रेस गठबंधन के पास कुल 37 सीटें थीं, जो बहुमत से अधिक थीं।
इकबाल के मेयर बनने के बाद बीजेपी ने उद्धव ठाकरे और उनकी पार्टी पर तीखा हमला बोला। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने आरोप लगाया कि मुस्लिम वोट बैंक को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया गया है और पार्टी अपने मूल विचारों से दूर हो गई है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे को अब यह बताना चाहिए कि क्या वे अभी भी बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा के सच्चे वारिस हैं।
और पढ़ें: दिल्ली में सुनेत्रा पवार की अहम मुलाकातें, NCP अध्यक्ष पद और पार्थ पवार के भविष्य पर चर्चा
बीजेपी प्रवक्ता नवनीत बन ने भी शिवसेना (UBT) पर मराठी मानुष की अनदेखी का आरोप लगाया। वहीं मनसे नेता संदीप देशपांडे ने इकबाल के नामांकन का बचाव करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति का काम सबसे महत्वपूर्ण होता है और मुसलमानों को भी देश में समान अधिकार हैं।
और पढ़ें: पुणे जिला परिषद चुनाव में एनसीपी (अजित पवार गुट) की बड़ी बढ़त, ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत पकड़