तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नारा लोकेश ने बुधवार को आंध्र प्रदेश की राजनीति में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि पार्टी 2029 के विधानसभा चुनावों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देगी। यह घोषणा टीडीपी के सबसे बड़े राजनीतिक सम्मेलन ‘महानाडु’ के दौरान की गई।
नारा लोकेश ने कहा कि टीडीपी भारतीय राजनीति में एक “नए राजनीतिक युग” की शुरुआत करना चाहती है, जिसमें महिलाओं की राजनीति और निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि 2029 से पार्टी संगठन और चुनावी टिकटों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
लोकेश ने अपने संबोधन में कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि भारत की अगली राजनीति महिलाओं के नेतृत्व की होगी। महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी बनकर न रहें, बल्कि निर्णय लेने वाली भी बनें।”
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उन्होंने कहा कि कई राजनीतिक दल चुनावों के दौरान महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, लेकिन बाद में उन्हें भूल जाते हैं। “लेकिन टीडीपी ने अपनी स्थापना से ही महिलाओं की शक्ति और उनके सपनों का समर्थन किया है। इसलिए हम उदाहरण पेश करना चाहते हैं,”।
लोकेश ने यह भी कहा कि पार्टी अधिक महिला विधायक, महिला नेता और महिला नीति निर्माता देखना चाहती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि टीडीपी का भविष्य महिलाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ेगा।
इस बार महानाडु का विषय “स्त्री शक्ति” रखा गया था, इसलिए इस घोषणा को महिला नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में बड़ा राजनीतिक और वैचारिक कदम माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला ऐसे समय में आया है जब संसद में महिला आरक्षण विधेयक के लागू होने को लेकर अब भी राजनीतिक मतभेद बने हुए हैं। ऐसे में टीडीपी का यह कदम राष्ट्रीय राजनीति में नई मिसाल कायम करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
हाल ही में टीडीपी ने बायरेड्डी शबरी को पार्टी की पहली महिला राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया था। इसे भी संगठन में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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