तेलंगाना नगर निकाय चुनाव के नतीजों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1305 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि भारत राष्ट्र समिति को लगभग 700 सीटें मिली हैं। इन चुनावों में 116 नगरपालिकाओं और सात नगर निगमों में मतगणना जारी है। राज्य में 11 फरवरी को हुए इन हाई-प्रोफाइल स्थानीय निकाय चुनावों में 73 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जिसे शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित बताया गया है।
राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने बताया कि मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। इन चुनावों में लगभग 52 लाख मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए पात्र थे और करीब 13 हजार उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर लगी थी।
चुनाव जिन प्रमुख नगरपालिकाओं में हुए, उनमें जंगांव, नरसंपेट, महबूबाबाद, भूपालपल्ली, जगित्याल, सिरसिल्ला, पेड्डापल्ली, भैंसा, कामारेड्डी, सूर्यापेट, मिर्यालगुडा, गडवाल, नागरकुर्नूल और कई अन्य शहर शामिल हैं। राज्य के 32 जिलों की 116 नगरपालिकाओं में कुल 2,582 वार्डों के लिए मतदान हुआ, जबकि छह नगरपालिकाओं में कार्यकाल समाप्त न होने के कारण चुनाव नहीं हुए।
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अगर पिछले चुनावों की बात करें तो 2020 में हुए नगर निकाय चुनावों में तब की तेलंगाना राष्ट्र समिति (अब BRS) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। उस समय पार्टी ने 1,767 वार्ड जीते थे, जबकि कांग्रेस ने 580, भारतीय जनता पार्टी ने 311 और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने 93 वार्डों में जीत दर्ज की थी।
इस बार के नतीजे राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दर्शाते हैं, जहां कांग्रेस ने स्थानीय स्तर पर मजबूत वापसी करते हुए सत्ता संतुलन को बदलने के संकेत दिए हैं।
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