तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में न्यूरोसर्जन की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब उनकी कार डिवाइडर से टकराने के बाद आग की लपटों में घिर गई। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि नींद आने के कारण गाड़ी चलाने से यह दुर्घटना हुई हो सकती है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह अभी जांच के दायरे में है।
पुलिस के अनुसार, दुर्घटना सूर्यापेट में खम्मम-हैदराबाद राजमार्ग पर पिल्ललमारी के पास सुबह करीब 7:15 बजे हुई। बताया जा रहा है कि कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई और इसके बाद उसमें अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया।
राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, लेकिन दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंच पाती, उससे पहले ही कार पूरी तरह आग की लपटों में घिर चुकी थी। चालक को बचाया नहीं जा सका और वाहन के अंदर ही उसकी जलकर मौत हो गई।
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वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर मृतक की पहचान कासाकुर्ती जगदीश के रूप में हुई है। जगदीश खम्मम स्थित ममता अस्पताल से जुड़े न्यूरोसर्जन थे। वह अपने परिवार से मिलने के लिए खम्मम से हैदराबाद जा रहे थे।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि वाहन चलाते समय झपकी आने से चालक का नियंत्रण कार पर नहीं रहा होगा। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के सटीक कारण का पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। फोरेंसिक टीम ने दुर्घटनाग्रस्त कार से जले हुए अवशेष बरामद किए हैं और उन्हें आगे की जांच के लिए सुरक्षित रखा है। पुलिस हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
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