स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप पर तीखा हमला करते हुए कहा कि महाद्वीप “सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है।” अपने संबोधन में ट्रंप ने अमेरिका को दुनिया का “आर्थिक इंजन” बताया और कहा कि जब अमेरिका आगे बढ़ता है, तो पूरी दुनिया को इसका लाभ मिलता है।
ट्रंप ने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका इस ग्रह का आर्थिक इंजन है। जब अमेरिका में उछाल आता है, तो पूरी दुनिया में उछाल आता है। यह इतिहास रहा है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्हें यूरोप से लगाव है और वे चाहते हैं कि यूरोप प्रगति करे, लेकिन मौजूदा हालात में वह सही रास्ते पर नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि यूरोप पिछले एक दशक में बनी अपनी संस्कृति के कारण खुद को कमजोर कर रहा है। उन्होंने कहा कि महाद्वीप के कुछ हिस्से अब “पहचाने जाने लायक नहीं रहे” और यह स्थिति राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बनती जा रही है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका कमजोर नहीं बल्कि मजबूत सहयोगी चाहता है और इसलिए वह यूरोप को भी सशक्त देखना चाहता है।
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अपने भाषण में ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपनी महत्वाकांक्षा को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि केवल अमेरिका ही ग्रीनलैंड की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है। उन्होंने नाटो सहयोगी डेनमार्क को “कृतघ्न” बताते हुए कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा में मदद की थी।
ट्रंप ने यूरोपीय सहयोगियों से ग्रीनलैंड को लेकर बातचीत करने का आह्वान किया और कहा कि यदि अमेरिका ग्रीनलैंड का अधिग्रहण करता है, तो यह अमेरिका और यूरोप दोनों के हित में होगा। उनके अनुसार, इससे नाटो गठबंधन भी और मजबूत होगा।
गौरतलब है कि ट्रंप कुछ घंटे पहले ही तकनीकी कारणों से देरी के बाद दावोस पहुंचे थे, जहां उन्होंने वैश्विक नेताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित किया।
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