अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच शांति वार्ता को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दूसरी दौर की बातचीत को लेकर शुक्रवार तक अच्छी खबर आ सकती है और अगले 36 से 72 घंटों में वार्ता की संभावना बन रही है।
इससे पहले ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया था। यह निर्णय पाकिस्तान के अनुरोध पर लिया गया, ताकि तेहरान का नेतृत्व एक साझा प्रस्ताव तैयार कर सके और सात सप्ताह से जारी युद्ध को समाप्त किया जा सके।
इस फैसले के चलते अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में प्रस्तावित प्रतिनिधिमंडल की इस्लामाबाद यात्रा टाल दी गई। वेंस के साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी वार्ता में शामिल होने वाले थे।
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ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान पर हमला तभी रोके रखेगा जब तक ईरानी नेतृत्व वार्ता के लिए एकजुट प्रस्ताव पेश करता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के बंदरगाहों पर आर्थिक नाकेबंदी जारी रहेगी और सेना को इसे बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिकी कदम की आलोचना करते हुए इसे “युद्ध का कृत्य” बताया और कहा कि यह युद्धविराम का उल्लंघन है।
इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने युद्धविराम बढ़ाने के लिए ट्रंप का आभार जताया और उम्मीद जताई कि इस्लामाबाद में प्रस्तावित दूसरी वार्ता में स्थायी शांति समझौता हो सकेगा।
कुल मिलाकर, क्षेत्र में तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं और अब सभी की नजरें संभावित शांति वार्ता पर टिकी हैं।
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