मध्य पूर्व में जारी तीन महीने से अधिक लंबे संघर्ष के बीच अमेरिका और ईरान शांति समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। बताया जा रहा है कि यह ऐतिहासिक समझौता इस सप्ताहांत तक साइन हो सकता है, जिससे क्षेत्र में जारी तनाव समाप्त होने की संभावना है।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में इज़रायल को बातचीत से लगभग बाहर रखा गया है, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस सप्ताह ईरान के ऊर्जा और बुनियादी ढांचे पर हमला करना चाहते थे, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतिम समय पर उन्हें रोक दिया।
एक रिपोर्ट के मुताबिक फोन बातचीत में ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा कि अब इस युद्ध को खत्म करने का समय आ गया है। ट्रंप ने कहा, “यही समझौता है, यह एक अच्छा समझौता है और अब युद्ध समाप्त होना चाहिए।”
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व्हाइट हाउस सूत्रों के अनुसार, वॉशिंगटन को चिंता थी कि नेतन्याहू इस शांति प्रक्रिया में बाधा डाल सकते हैं। हालांकि बातचीत के बाद यह स्पष्ट हो गया कि वे ट्रंप को ईरान के साथ समझौते से रोक नहीं पाएंगे।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इज़रायल को इस डील की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई। हालांकि इज़रायल का कहना है कि अमेरिका ने उसे सुरक्षा गारंटी दी है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल उत्पादन और क्षेत्रीय गतिविधियों पर सख्त शर्तें शामिल करने का आश्वासन दिया गया है।
इज़रायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि ट्रंप ने भरोसा दिलाया है कि अंतिम समझौते में ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार को हटाने और उसकी परमाणु संरचना को खत्म करने जैसे प्रावधान शामिल होंगे।
दूसरी ओर, ईरान और अमेरिका के बीच समझौते का अंतिम स्थान अभी तय नहीं है। ईरानी विदेश मंत्री के अनुसार, परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर अंतिम निर्णय प्रारंभिक समझौते के 60 दिनों के भीतर लिया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की ओर है, लेकिन कूटनीतिक समीकरण अभी भी जटिल बने हुए हैं।
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