अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (20 जनवरी 2026) को व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान अपने दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ मनाई। यह दुर्लभ सार्वजनिक उपस्थिति ऐसे समय पर हुई है, जब उन्हें ग्रीनलैंड को लेकर प्रस्तावित टैरिफ नीति के कारण यूरोपीय सहयोगियों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इसी सप्ताह दावोस, स्विट्ज़रलैंड में होने वाले विश्व आर्थिक मंच (WEF) में उन्हें इन तनावों का सीधे सामना करना होगा।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने ग्रीनलैंड से जुड़े ट्रंप के नए टैरिफ प्रस्तावों को “पुराने सहयोगियों के बीच एक गंभीर गलती” बताया और कहा कि ट्रंप ने पिछले वर्ष अतिरिक्त शुल्क न लगाने का आश्वासन दिया था। ट्रंप ने घोषणा की कि फरवरी से डेनमार्क के समर्थन में खड़े आठ यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर 10% आयात कर लगाया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने पनामा नहर को “वापस लेने” के अपने पुराने बयानों पर सवाल टाल दिए। उन्होंने केवल इतना कहा, “मैं इस पर कुछ नहीं कहना चाहता।” इससे पहले वे चीन पर पनामा नहर संचालित करने और अमेरिका से अनुचित शुल्क वसूलने का आरोप लगा चुके हैं।
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ट्रंप ने धार्मिक टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि ईश्वर उनके कार्यों से “बहुत प्रसन्न” हैं और उन्होंने ईसाइयों, यहूदियों सहित कई समुदायों की रक्षा की है। ग्रीनलैंड पर उन्होंने एक दिन पहले की आक्रामक भाषा के विपरीत अपेक्षाकृत संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि नाटो और अमेरिका दोनों के हितों का समाधान निकाला जाएगा, हालांकि उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बताया।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा ग्रीनलैंड पर बुलाए गए आपातकालीन शिखर सम्मेलन में शामिल होने से ट्रंप ने इनकार कर दिया। उन्होंने दावोस में अपने भाषण को एक साल की “असाधारण सफलताओं” का लेखा-जोखा बताया और कहा कि वे ऊर्जा व आव्रजन पर अन्य देशों को सलाह देंगे।
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