अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एंथ्रोपिक नामक एआई कंपनी की तकनीक का उपयोग सभी सरकारी एजेंसियों से तुरंत बंद करने का आदेश दिया। वहीं, ओपनएआई ने अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ एक नया समझौता किया, जिसमें ओपनएआई अपने एआई मॉडल्स को सुरक्षित, वर्गीकृत सरकारी नेटवर्क पर तैनात करेगा।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब एंथ्रोपिक ने अपनी तकनीक को युद्ध में उपयोग करने के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाया, खासकर पूरी तरह से स्वायत्त हथियारों और बड़े पैमाने पर घरेलू निगरानी के लिए। एंथ्रोपिक का दावा है कि उसकी तकनीक में सुरक्षा सीमाएं हैं, जिन्हें हटाना नहीं चाहिए। इस रुख ने पेंटागन के साथ तनाव बढ़ा दिया था, और रक्षा विभाग ने एंथ्रोपिक को "सप्लाई चेन रिस्क" के रूप में वर्गीकृत करने का विचार किया था, जिससे उसे भविष्य में रक्षा अनुबंधों से बाहर रखा जा सकता था।
ट्रंप ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कहा कि वे एंथ्रोपिक के साथ फिर से व्यापार नहीं करेंगे, क्योंकि कंपनी अमेरिकी सैनिकों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। इसके बाद ओपनएआई ने रक्षा विभाग के साथ एक समझौता किया, जिसमें दो प्रमुख सिद्धांत थे: कोई घरेलू बड़े पैमाने पर निगरानी नहीं और निर्णयों में मानव जिम्मेदारी बनी रहेगी।
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ओपनएआई ने यह भी कहा कि वह भविष्य में अन्य एआई विक्रेताओं के लिए भी यही सुरक्षा मानक लागू करने की उम्मीद करता है।
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