अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की सीक्रेट सर्विस सुरक्षा वापस ले ली है। आमतौर पर अमेरिका में पूर्व उपराष्ट्रपतियों को पद छोड़ने के बाद छह महीने तक संघीय सुरक्षा प्रदान की जाती है, जबकि पूर्व राष्ट्रपतियों को आजीवन सुरक्षा दी जाती है।
इस फैसले ने अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है। ट्रंप प्रशासन के इस कदम को कई विशेषज्ञ असामान्य मान रहे हैं, क्योंकि यह प्रथा लंबे समय से चली आ रही है कि उपराष्ट्रपति को कम से कम छह महीने तक सुरक्षा मिलती है। कमला हैरिस के मामले में यह सुरक्षा अवधि पूरी होने से पहले ही खत्म कर दी गई है।
विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के फैसले से न केवल सुरक्षा मानकों पर सवाल उठते हैं, बल्कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का संकेत भी मिलता है। कमला हैरिस, जो जो बाइडेन प्रशासन में उपराष्ट्रपति रहीं, अमेरिकी राजनीति में एक महत्वपूर्ण चेहरा मानी जाती हैं।
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सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे फैसलों का असर न केवल पूर्व पदाधिकारियों की व्यक्तिगत सुरक्षा पर पड़ सकता है, बल्कि इससे सुरक्षा एजेंसियों के पेशेवर रवैये पर भी प्रश्न खड़े होते हैं। अमेरिकी परंपरा के अनुसार, सुरक्षा का आकलन राजनीतिक कारणों से नहीं, बल्कि खतरे के स्तर के आधार पर किया जाना चाहिए।
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