2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज हो गई हैं, और मतदान के पहले चरण से मात्र चार दिन पहले, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के प्रमुखों ने कोलकाता में बैठक की। इस बैठक में सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, एसएसबी और आईटीबीपी के महानिदेशकों ने एकत्रित होकर चुनाव सुरक्षा के रणनीतिक और संचालनात्मक पहलुओं पर चर्चा की।
इन प्रमुख अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया बिना किसी डर या दबाव के सुचारू रूप से चले। उन्होंने सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप दिया और चुनावी क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था से बचने के लिए समन्वय बनाने पर जोर दिया।
इस बैठक में चुनावी सुरक्षा की व्यापक योजना पर भी चर्चा की गई, जिसमें चुनावी बूथों की सुरक्षा, मोबाइल निगरानी, और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय का मुद्दा प्रमुख था। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि केंद्रीय बलों की पर्याप्त तैनाती हो, ताकि किसी भी प्रकार की अराजकता या हिंसा से निपटा जा सके।
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सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, एसएसबी और आईटीबीपी के प्रमुखों ने चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया। साथ ही, उन्होंने सभी सुरक्षा दलों को विशेष निर्देश दिए, ताकि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी परिस्थिति का सामना किया जा सके।
यह बैठक बंगाल के चुनावी माहौल में सुरक्षा की गंभीरता को दर्शाती है, और यह चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अहम कदम है।
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