उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग और आपूर्ति पर बढ़ते दबाव के बीच राज्य के कई जिलों में लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में बिजली कटौती से परेशान लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। कहीं लोग बिजली उपकेंद्रों का घेराव कर रहे हैं तो कहीं स्थिर बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर विरोध जताया जा रहा है।
स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को राज्यभर में सुचारु एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश बिजली विभाग ने नागरिकों से बिजली बचाने की अपील जारी की है।
बिजली विभाग की ओर से जारी ऑडियो संदेश में कहा गया, “बिजली केवल तारों से नहीं आती, यह अनुशासन से भी आती है।” विभाग ने लोगों से अनावश्यक बिजली उपयोग से बचने, एसी का तापमान 24 डिग्री पर रखने और एसी व पानी के पंपों का सीमित इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी लोगों से जरूरत के अनुसार ही बिजली इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि घर में कोई न हो तो पंखे और एसी बंद रखें तथा इस दौरान सजावटी लाइटों का उपयोग न करें।
बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें दिन के समय अनावश्यक लाइट, पंखे और एसी बंद रखना, एक साथ कई भारी उपकरण न चलाना और खराब वायरिंग को तुरंत ठीक कराना शामिल है। विभाग ने चेतावनी दी कि अवैध कनेक्शन और कटिया डालने से लाइन फॉल्ट बढ़ते हैं और ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त भार पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शहरों में 24 घंटे और गांवों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने, ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत करने, फीडरों की निगरानी और शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर दिया गया है।
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