हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में शनिवार शाम भारी बारिश के कारण मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सरकारी आवास ओक ओवर के पास एक बड़ा देवदार का पेड़ उखड़कर सड़क पर गिर गया। पेड़ गिरने से मार्ग बाधित हो गया और इलाके में यातायात प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच राज्य के कई हिस्सों में लगातार मानसूनी बारिश जारी है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बारिश के कारण भूस्खलन, पेड़ गिरने और सड़कों के अवरुद्ध होने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। शिमला में भी पेड़ गिरने की इस घटना के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय पार्षद ने बताया कि इलाके में अभी भी कई ऐसे पेड़ मौजूद हैं, जो भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण गिर सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे पेड़ों की पहचान कर जल्द आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।
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पेड़ गिरने के बाद संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची और सड़क से पेड़ हटाने का काम शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को सामान्य करने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान हर साल पेड़ गिरने, भूस्खलन और सड़क बंद होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश से मिट्टी कमजोर हो जाती है, जिससे पेड़ों के उखड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
मुख्यमंत्री आवास के पास हुई इस घटना ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में पुराने और कमजोर पेड़ों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों की समीक्षा कर संभावित खतरों को कम करने की तैयारी में जुट गया है।
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