होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका ने मंगलवार तड़के ईरान पर नए हवाई हमले शुरू किए। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब कुछ घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिका ईरान के खिलाफ होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री नाकेबंदी दोबारा लागू कर रहा है।
इससे पहले ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दो तेल टैंकर मोम्बासा और अल बहियाह पर क्रूज़ मिसाइलों से हमला किया। यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई, जबकि छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक घायल हुए। मिसाइल हमले के बाद दोनों टैंकरों में आग लग गई, हालांकि चालक दल ने आग पर काबू पा लिया।
ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि टैंकरों ने कई चेतावनियों के बावजूद प्रतिबंधित क्षेत्र से गुजरने का प्रयास किया, जिसके बाद उन्हें निशाना बनाया गया।
और पढ़ें: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर अटकलों को खारिज, अमेरिकी राजदूत और पीयूष गोयल बोले- फेक न्यूज
इसी दौरान बहरीन पर भी ईरान ने मिसाइल हमला किया। हमले के बाद पूरे देश में मिसाइल चेतावनी सायरन बजाए गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि ईरानी सैन्य क्षमताओं और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर हमले की क्षमता को कमजोर करने के लिए नए सैन्य अभियान शुरू किए गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की आक्रामक क्षमता को खत्म कर रहा है और जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए रखेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से सुरक्षा शुल्क लिया जाएगा।
लगातार बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई दिया। ब्रेंट क्रूड का दाम बढ़कर 84 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष और बढ़ा तो वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और विश्व अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
और पढ़ें: 2019 के आदर्श आचार संहिता उल्लंघन मामले में कन्हैया कुमार को जमानत, बोले- मेरे खिलाफ आरोप बेबुनियाद