अमेरिका की खुफिया एजेंसियों की ताज़ा वार्षिक खतरा आकलन रिपोर्ट में दक्षिण एशिया को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव भविष्य में परमाणु संघर्ष का कारण बन सकता है। अमेरिकी सीनेट के समक्ष प्रस्तुत इस रिपोर्ट में दोनों देशों के ऐतिहासिक विवाद, आतंकवाद और बढ़ती सैन्य क्षमताओं को संभावित संकट के प्रमुख कारक बताया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत के जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में पिछले वर्ष हुआ आतंकी हमला इस बात का उदाहरण है कि कैसे छोटे घटनाक्रम बड़े सैन्य टकराव में बदल सकते हैं। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप से हालिया तनाव कम हुआ था, लेकिन खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि आतंकवादी संगठन फिर से ऐसे हालात पैदा कर सकते हैं।
दक्षिण एशिया में आईएसआईएस-खुरासान (आईएसआईएस-के) की मौजूदगी भी चिंता का विषय बनी हुई है। यह संगठन क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए अंतरराष्ट्रीय हमलों की योजना बना रहा है। वहीं, अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने आईएसआईएस-के के खिलाफ अभियान तेज किया है और कई ठिकानों पर छापेमारी की है, जिससे कई साजिशें विफल हो सकती हैं।
और पढ़ें: ईद से पहले अफगानिस्तान-पाकिस्तान में संघर्ष विराम, अस्थायी रूप से रुकी लड़ाई
रिपोर्ट में पाकिस्तान की मिसाइल क्षमताओं में तेजी से हो रहे विकास का भी उल्लेख है। पाकिस्तान लंबी दूरी की मिसाइल तकनीक विकसित कर रहा है, जो भविष्य में अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) तक पहुंच सकती है।
इसके अलावा, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संबंध भी बिगड़ते जा रहे हैं। सीमा पर बढ़ते संघर्ष और हाल ही में काबुल पर हुए हमलों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए अभी कोई त्वरित समाधान नजर नहीं आ रहा है।
और पढ़ें: तमिलनाडु चुनाव: विजय ने किया ऐलान, TVK अकेले लड़ेगी विधानसभा चुनाव