मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से हुए अमेरिका-ईरान समझौते के महज एक दिन बाद ही हालात एक बार फिर हिंसक हो गए हैं। लेबनान के दक्षिणी हिस्से में इजरायली हवाई हमलों और तोपखाने की गोलाबारी में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई।
लेबनान के अनुसार, यह हमला नबातियेह जिला और आसपास के कई कस्बों में किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक कई लोग घायल हुए हैं, जबकि कुछ लोग मलबे के नीचे दबे होने के कारण लापता बताए जा रहे हैं।
हमलों में नबातियेह शहर, कफर जौज, कफर रेमन और ज़ेबडीन सहित कई रिहायशी इलाके निशाने पर आए। बाद में हवाई हमले कफर तिबनित और रयहान हाइट्स में भी किए गए। इन हमलों को हाल के महीनों में सबसे भीषण बताया जा रहा है।
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रिपोर्ट के अनुसार, नबातियेह और हरौफ में आठ लोगों की मौत हुई। अल-शरकिया और दौइर के बीच एक घर पर हुए हमले में चार लोगों की जान चली गई। वहीं कफर सिर में तीन अन्य लोगों की मौत हुई। एक अलग ड्रोन हमले में दौइर नगरपालिका भवन के पास एक मोटरसाइकिल को निशाना बनाया गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और एक घायल हो गया।
यह हिंसा उस समय हुई है जब एक दिन पहले ही अमेरिका और ईरान ने 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसे मध्य पूर्व में शांति का रोडमैप बताया गया था। समझौते में सभी सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत और स्थायी रूप से रोकने की बात कही गई थी।
इस समझौते पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने डिजिटल हस्ताक्षर किए थे।
समझौते में ईरान पर लगे प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटाने, परमाणु कार्यक्रम पर रोक और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण जैसे प्रावधान शामिल हैं। इसके अलावा समुद्री व्यापार मार्गों को पुनः सक्रिय करने की भी योजना है।
लेबनान में हुए ताजा हमलों ने इस शांति समझौते की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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