मध्य पूर्व में अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिकी-इज़राइली कार्रवाई में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्र में सैन्य टकराव चरम पर पहुंच गया है। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों की ओर 186 मिसाइलें और 812 ड्रोन दागे।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने पुष्टि की है कि इन हमलों में 3 लोगों की मौत हुई है, जबकि 68 लोग घायल हुए हैं। क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और कई हमलों को वायु रक्षा प्रणालियों ने विफल किया।
संघर्ष के चौथे दिन ईरान के नए रक्षा मंत्री सैयद माजीद एब अल-रेज़ा की भी मौत की खबर सामने आई है। इससे पहले अमेरिकी बलों ने ईरानी सरकारी और सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए थे।
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इज़राइली के अनुसार, जॉर्डन और यरुशलम के आसपास चार ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया। किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है। वहीं, बहरीन के नेशनल कम्युनिकेशन सेंटर ने दावा किया कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने अब तक 73 मिसाइलों और 91 ड्रोन को नष्ट किया है।
इस बीच, सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से बचने के लिए वैकल्पिक निर्यात मार्गों की समीक्षा शुरू कर दी है। ड्रोन हमले के बाद रास तनुरा रिफाइनरी को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा, जिसकी क्षमता प्रतिदिन 5.5 लाख बैरल है।
क्षेत्र में बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की आशंका को और गहरा कर दिया है।
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