उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटों से जारी भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण 117 मकानों के ढहने की सूचना है, जबकि वर्षाजनित हादसों में 15 लोगों की मौत हो गई। कई इलाकों में फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
लखनऊ के पुराने शहर स्थित हुसैनाबाद के ऐतिहासिक गेट का एक हिस्सा गिर गया। लखीमपुर खीरी, अमेठी और बाराबंकी में दीवार ढहने की अलग-अलग घटनाओं में कई लोगों की जान गई। फतेहपुर में करीब 10 कच्चे मकान ढह गए। एक हादसे में दो सगे भाई मलबे में दब गए, जिसमें आठ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई और उसका 11 वर्षीय भाई गंभीर रूप से घायल हुआ।
लखीमपुर खीरी के रहमत नगर गांव में शनिवार तड़के कच्चे मकान की मिट्टी की दीवार गिरने से मोहन कश्यप, उनकी पत्नी कविता और छह वर्षीय बेटे अनिल की मौत हो गई। अमेठी में बलभद्रपुर गांव में दीवार गिरने से ऊषा देवी की मौत हुई। बाराबंकी में सुनीता देवी की भी मलबे में दबने से जान चली गई। इसी जिले में सड़क किनारे पेड़ गिरने से संजय वर्मा की मौत हुई।
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उन्नाव में बशीरतगंज टोल प्लाजा के पास गंगा एक्सप्रेसवे पर जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ है। राहत आयुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद के अनुसार, 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। पिछले 24 घंटों में राज्य में सामान्य से 19 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना और कानपुर नगर में 160 गुना अधिक वर्षा हुई।
मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान जताया है। अयोध्या में राम पथ, राम मंदिर और सरयू क्षेत्र में आवागमन प्रभावित हुआ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों को सतर्क रहने, प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और राहत व्यवस्था की निगरानी के निर्देश दिए हैं। कई जिलों में स्कूल बंद रखे गए हैं।
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